बुधनी टाईम्स

 








बुधनी टाईम्स शुजालपुर

फर्जी बिल, वाउचर और कोटेशन से फर्जीवाड़ा करने वाले आगर जिले के दो अधिकारियों एवं एक सर्वेयर को कोर्ट ने दो-दो वर्ष की सजा सुनाई है। आरोपियों में कृषि विस्तार अधिकारी, भूमि सरंक्षण अधिकारी सर्वेयर शामिल हैं। अगस्त 2008 में भीलखेड़ी-पटनाखेड़ी का तालाब पहली ही बारिश में फूट गया था। इससे कुल 11.97 लाख रुपए की क्षति सरकार को पहुंची थी। वहीं इसमें आरोपियों ने 5.73 लाख रुपए में फर्जीवाड़ा किया था। सश्रम कारावास की सजा के अलावा दो-दो लाख रुपए का जुर्माना भी किया गया।
एडीपीओ अजय शंकर ने बताया 24 जनवरी-08 से 26 मार्च-08 तक भूमि संरक्षण केंद्र नलखेड़ा कार्यालय सहायक भूमि संरक्षण अधिकारी उप संभाग आगर द्वारा भीलखेड़ी-पटनाखेड़ी में योजना के अनुसार स्वीकृत तालाब के अनुसार उसका निर्माण नहीं किया। जिसके कारण 11 अगस्त-08 को पहली ही बारिश में तालाब फूटकर बह गया था। जिसकी शिकायत सूर्यप्रकाश नामक व्यक्ति ने की थी। शिकायत सत्यापन के बाद राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो इंदौर में सहायक भूमि संरक्षण अधिकारी उप संभाग आगर बाबूलाल देहवार, कृषि विकास अधिकारी भूमि संरक्षण केंद्र नलखेड़ा केके जैन एवं सर्वेयर भूमि संरक्षण केंद्र नलखेड़ा समरलाल अनिल पर मामला पंजीबद्घ हुआ था। सरकार को नुकसान पहुंचाने के साथ ही फर्जी कुटरचित बिलों कोटेशन को तैयार कर असली के रूप में उपयोग कर 5 लाख 73 हजार 582 रुपए का आहरण कर पद का दुरुपयोग किया गया था। उक्त प्रकरण जांच एवं अनुसंधान के बाद विशेष न्यायालय भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम शाजापुर के समक्ष प्रस्तुत किया गया। विशेष लोक अभियोजक सचिन रायकवार के तर्कों से सहमत होकर विशेष न्यायाधीश नीता गुप्ता ने सोमवार को तीनों आरोपियों को दंडित किया।
इन धाराओं में सजा
धारा 420, 471 आईपीसी के तहत प्रत्येक को दो-दो वर्ष का सश्रम कारावास एवं 5-5 हजार रुपए का अर्थदंड, धारा 13(1) सी सहपठित धारा 13(2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रत्येक को दो-दो वर्ष का सश्रम कारावास एवं दो-दो लाख रुपए के अर्थदंड से दंडित किया।

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