बुधनी टाईम्स

 

 बुधनी टाईम्स SHUJALPUR
 वर्ष 2022 तक किसानों की आय को दुगना करने के राज्य सरकार के उद्देश्य को पूरा करने में पशु सहायक होंगे। यह बात प्रदेश के पशुपालन, मछुआ कल्याण, मत्स्य विकास, कुटीर एवं ग्रामोद्योग तथा पर्यावरण विभाग मंत्री श्री अन्तर सिंह आर्य ने आज शाजापुर जिले के कालापीपल में राज्य स्तरीय गोकुल महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर आयोजित समारोह में मुख्यअतिथि के रूप में संबोधित करते हुए कही। समारोह का शुभारंभ मंत्री श्री आर्य एवं अतिथियों ने गांय का पूजन एवं राधाकृष्ण प्रतिमा एवं पंडित दीनदयाल उपाध्याय के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। इस मौके पर विधायक कालापीपल श्री इन्दरसिंह परमार, शुजालपुर श्री जसवंत सिंह हाड़ा एवं शाजापुर श्री अरूण भीमावद, पशुपालन विभाग प्रमुख सचिव श्री अजित केसरी, कलेक्टर श्री श्रीकांत बनोठ, पुलिस अधीक्षक श्री शैलेन्द्र सिंह चौहान, संचालक पशुपालन विभाग डॉ. आर. के. राकेड़े, श्री नरेन्द्र सिंह बैस, सीसीबी अध्यक्ष श्री शिवनारायण पाटीदार, नगर परिषद पानखेड़ी अध्यक्ष श्रीमती अनीता सोनी, पूर्व विधायक श्री गिरीराज मण्डलोई, श्री फूलसिंह मेवाड़ा, श्री बाबूलाल परमार, कालापीपल कृषि उपज मंडी अध्यक्ष श्री तेजसिंह राजपुत, जिला पंचायत सदस्य श्री नवीन शिंदे, श्रीमती सुमन मेवाड़ा, श्रीमती पवित्रा कल्मोदिया सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। 
   समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री श्री आर्य ने कहा कि पशुओ पर कई प्रकार की बीमारियां आती है जिससे पशधन के भारी नुकसान से पशुपालक की कमर टूट जाती है। राज्य सरकार द्वारा निर्णय लिया गया है कि पशुओ के बीमारियो से बचाव एवं संरक्षण के लिए गांव गांव जाकर उपचार किया जाए। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2016 से गोकुल महोत्सव आयोजित किए जा रहे है। इस वर्ष के गोकुल महोत्सव का शुभारंभ आज से किया जा रहा है। गोकुल महोत्सव में पशु चिकित्सक एवं अन्य कर्मचारियों का दल गांव गांव जाकर पशुओं का उपचार करेगा, पशुओं के लिए औषधि भी देंगे। मंत्री श्री आर्य ने पशुपालकों से अनुरोध किया है कि वे गोकुल महोत्सव का लाभ उठाए और अपने पशुओं का निःशुल्क उपचार कराए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री एवं राज्य के मुख्यमंत्री भी पशुओं के स्वास्थ्य को लेकर चिंतित है। उन्होंने कहा कि विजन 2022 के तहत राज्य में किसानों की आय दुगना करने का प्रदेश के मुख्यमंत्री का सपना है। किसानों की आय दुगना करने में पशु सहायक सिद्ध होंगे। किसान पशुओं का पालन कर दुग्ध उत्पादन, पशुओं के गोबर और मूत्र से जैविक खाद और कीटनाशक दवाईया बना सकते है। साथ ही किसान छोटे छोटे तालाब बनाकर मछली पालन एवं सिंघाड़े का उत्पादन कर भी अतिरिक्त आय अर्जित कर सकते है। इस मौके पर उन्होंने पानी के संरक्षण एवं बचाव को जनआन्दोलन बनाने की जरूरत बताई। साथ ही उन्होंने पर्यावरण के बचाने के लिए अधिक से अधिक पेड़ पौधे लगाने एवं उनको बचाने का भी आव्हान किया। इस मौके पर उन्होंने जनप्रतिनिधियों से कहा कि गोकुल महोत्सव के तहत गांव गांव में लगने वालें शिविरों की जानकारी आम जन तक पहुँचाए। 
   इस अवसर पर आवारा घुमने वाले पशुओं की समस्या के निराकरण के लिए शीघ्र ही कार्यवाही होगी। 
   इस अवसर पर विधायक कालापीपल श्री परमार ने संबोधित करते हुए कहा कि पशुपालन को रोजगार के अवसर के रूप में भी देखना चाहिए। पशुपालन से किसानों को अतिरिक्त आय हो सकती है। बेरोजगार युवा पशुपालन कर डेयरी व्यवसाय को अपना सकते है। डेयरी एवं पशुपालन के व्यवसाय के लिए राज्य सरकार की योजना से लाभ प्राप्त किया जा सकता है। इस मौके पर उन्होंने किसानों से आव्हान किया कि वे कम वर्षा को देखते हुए प्याज एवं लहसून की फसल को नहीं बोए। कम पानी वाली फसलों का उत्पादन ले। उन्होने कहा कि इस वर्ष कम वर्षा के कारण भूमिगत जल स्तर नीचे चला गया है। धरती के पानी को संरक्षित करे और आने वाली गरमी के लिए संरक्षित रखे। उन्होंने कहा कि पानी बनाया नहीं जा सकता है। पानी को केवल बचाया या संरक्षित किया जा सकता है। आने वाले पानी के संकट को सभी समझे और पानी को मितव्ययिता के साथ उपयोग करे। शुजालपुर विधायक श्री हाड़ा ने संबोधित करते हुए कहा कि सभी लोग पशुओं के संरक्षण के लिए शपथ ले। साथ ही उन्होंने कहा कि किसानों के सहयोग से प्रदेश दुग्ध उत्पादन के भी प्रथम आऐगा। विधायक श्री भीमावद ने कहा कि पशु खेती के लिए उपयोगी है जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए पशुओं का संरंक्षण जरूरी है। 
   इस अवसर पशुपालन विभाग प्रमुख सचिव श्री केसरी ने संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में लगभग 3 करोड़ से अधिक दुधारू पशु है। प्रदेश दुग्ध उत्पादन के मामले में तीसरे नम्बर पर है। इस मौके पर उन्होंने गोकुल महोत्सव एवं विभागीय गतिविधियों से अवगत कराया। 
   इस मौके पर श्री कृष्ण गौशाला चाकरोद, तथा हनुमान गौशाला  गुंजारी कालापीपल सहित अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित भी किया गया। इस अवसर पर संयुक्त संचालक उज्जैन श्री डॉ. एन के बामनिया ने आभार व्यक्त किया। 
पशु औषधालयों की घोषणा
   प्रदेश के पशुपालन, मछुआ कल्याण, मत्स्य विकास, कुटीर एवं ग्रामोद्योग तथा पर्यावरण विभाग मंत्री श्री आर्य ने कालापीपल में आयोजित गोकुल महोत्सव समारोह में शाजापुर जिले के ग्राम भैसायगढ़ा, पोलायकला एवं कालापीपल में पशु औषधालय प्रारंभ करने की घोषणा भी की। साथ ही उन्होंने बताया कि शाजापुर के जिला मुख्यालय स्थित पशु चिकित्सालय की बाउण्ड्रीवाल निर्माण के लिए 12 लाख रूपए स्वीकृत किए गए है, जरूरत पड़ने पर और भी राशि दी जाएगी। 
चाकरोद गोशाला का अवलोकन

   मंत्री श्री आर्य ने कालापीपल के नजदीक ग्राम चाकरोद में स्थित गोशाला का अवलोकन किया तथा गायों को लड्डू खिलाए। इस मौके पर उन्होने गोशाला में गोमूत्र से तैयार की जा रही औषधियों को भी देखा एवं उनकी विशेषता जानी

एक टिप्पणी भेजें

Top