बुधनी टाईम्स sjp
नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि हम बाबरी मस्जिद विवाद में जल्द सुनवाई किए जाने पर फैसला करेंगे। इस मामले में बीजेपी लीडर सुब्रह्मण्यम स्वामी ने SC से जल्द सुनवाई की अपील की। बता दें कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसल को चुनौती देने वाली कई पिटीशन दायर की गई हैं। चीफ जस्टिस जेएस खेहर और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा, "हम इस पर फैसला लेंगे।" 7 साल से पेंडिंग है अपील...
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- स्वामी ने SC से कहा, "इलाहाबाद HC के फैसले के खिलाफ मेन अपील्स SC में पिछले सात साल से अटकी हुई हैं। इन पर जल्द सुनवाई की जरूरत है।"
- "मैंने इससे पहले अपने राइट टू वरशिप (पूजा के अधिकार) के लिए एक पिटीशन अलग से दायर की थी, ताकि उस जगह पर बिना ज्यादा परेशानी के पूजा की जा सके।"
SC ने दिया था मध्यस्थता का अधिकार- स्वामी
- स्वामी ने कहा कि मुझे सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में मध्यस्थता करने का अधिकार दिया था और इस मामले का जल्द से जल्द फैसला हो जाना चाहिए।
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा था?
- इसी साल मार्च में राम जन्मभूमि-बाबरी केस में सुप्रीम कोर्ट ने जल्द सुनवाई करने से इनकार कर दिया था। कोर्ट ने कहा था कि सुब्रमण्यम स्वामी मुख्य पक्षकार नहीं हैं।
- इससे पहले हुई सुनवाई में SC ने कहा था कि इस मामले से जुड़े सभी पक्ष मिलकर बैठें और आम राय बनाएं। अगर इस मामले पर होने वाली बातचीत नाकाम रहती है तो हम दखल देंगे और इस मुद्दे का हल निकालने के लिए मीडिएटर अप्वाइंट करेंगे।
- इससे पहले हुई सुनवाई में SC ने कहा था कि इस मामले से जुड़े सभी पक्ष मिलकर बैठें और आम राय बनाएं। अगर इस मामले पर होने वाली बातचीत नाकाम रहती है तो हम दखल देंगे और इस मुद्दे का हल निकालने के लिए मीडिएटर अप्वाइंट करेंगे।
क्या है हाईकोर्ट का फॉर्मूला और क्या है विवाद?
- 28 सितंबर 2010 को सुप्रीम कोर्ट ने इलाहबाद हाईकोर्ट को इस विवादित मामले में फैसला देने से रोकने वाली पिटीशन खारिज कर दी थी, जिससे फैसले का रास्ता साफ हो गया।
- 30 सितंबर 2010 को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने विवादित 2.77 एकड़ की जमीन को मामले से जुड़े 3 पक्षों में बराबर-बराबर बांटने का आदेश दिया था।
- 30 सितंबर 2010 को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने विवादित 2.77 एकड़ की जमीन को मामले से जुड़े 3 पक्षों में बराबर-बराबर बांटने का आदेश दिया था।
कौन हैं 3 पक्ष, क्या था फॉर्मूला?
- निर्मोही अखाड़ा: विवादित जमीन का एक-तिहाई हिस्सा यानी राम चबूतरा और सीता रसोई वाली जगह।
- रामलला विराजमान: एक-तिहाई हिस्सा यानी रामलला की मूर्ति वाली जगह।
- सुन्नी वक्फ बोर्ड: विवादित जमीन का बचा हुआ एक-तिहाई हिस्सा।
- रामलला विराजमान: एक-तिहाई हिस्सा यानी रामलला की मूर्ति वाली जगह।
- सुन्नी वक्फ बोर्ड: विवादित जमीन का बचा हुआ एक-तिहाई हिस्सा।

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