जिला महिला सशक्तिकरण अधिकारी ने बताया कि विपत्तिग्रस्त और ऐसी पीड़ित महिलाएं जिनके परिवार में कोई नही हैं, इन्हें अपने पैरों पर खड़ा करने के लिए व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। ऐसी महिलाएं मुख्यमंत्री महिला सशक्तिकरण योजना में 30 जून 2017 तक जिला महिला सशक्तिकरण कार्यालय में आवेदन कर सकती है।
उन्होंने बताया कि योजना में लैंगिक अपराध से पीड़ित महिला या बालिका, दुर्व्यापार से बचाई गई महिलाएं, ऐसिड विक्टिम, दहेज पीड़ित, अग्नि पीड़ित, जेल से रिहा, परित्यता एवं तलाकशुदा महिलाएं, शासकीय-अशासकीय आश्रय गृह, बालिका गृह, अनुरक्षण गृह आदि गृहों में निवासरत बालिका महिलाएं आवेदन कर सकेंगी। सामान्य वर्ग महिला की उम्र 45 वर्ष से कम हो और विधवा परित्यक्ता, तलाकशुदा, अजा एवं अजजा, अन्य पिछड़ा वर्ग की महिला होने की स्थिति में 50 वर्ष तक रखी गई है। हितग्राही लक्षित समूह अनुसार पीड़ित की श्रेणी में आती हो, लक्ष्य समूह अनुसार आवेदिका एवं उसके परिवार का मुखिया गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करता हो, मानसिक रूप से विक्षिप्त न हो, ऐसी महिलाओं को योग्यतानुसार तय विधवाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि योजना में लैंगिक अपराध से पीड़ित महिला या बालिका, दुर्व्यापार से बचाई गई महिलाएं, ऐसिड विक्टिम, दहेज पीड़ित, अग्नि पीड़ित, जेल से रिहा, परित्यता एवं तलाकशुदा महिलाएं, शासकीय-अशासकीय आश्रय गृह, बालिका गृह, अनुरक्षण गृह आदि गृहों में निवासरत बालिका महिलाएं आवेदन कर सकेंगी। सामान्य वर्ग महिला की उम्र 45 वर्ष से कम हो और विधवा परित्यक्ता, तलाकशुदा, अजा एवं अजजा, अन्य पिछड़ा वर्ग की महिला होने की स्थिति में 50 वर्ष तक रखी गई है। हितग्राही लक्षित समूह अनुसार पीड़ित की श्रेणी में आती हो, लक्ष्य समूह अनुसार आवेदिका एवं उसके परिवार का मुखिया गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करता हो, मानसिक रूप से विक्षिप्त न हो, ऐसी महिलाओं को योग्यतानुसार तय विधवाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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