पीएसीएल कंपनी द्वारा शाजापुर और आगर-मालवा जिले के किसानों की फर्जी तरीके से हजारों बीघा जमीन की रजिस्ट्री कराने के मामले में भास्कर द्वारा लगातार खुलासे करने के बाद अब पंजीयक विभाग की भी नींद खुली है।
मंगलवार को भास्कर ने शाजापुर और आगर जिले में 2012 से 2014 के बीच पीएसीएल ने अपनी कंपनियों के नाम खरीदी 36 हजार बीघा जमीन शीर्षक से खबर प्रकाशित कर मामले का विस्तृत खुलासा किया। उसके बाद पंजीयक महा निरीक्षक भोपाल ने उप पंजीयक कार्यालय शाजापुर को मंगलवार को ही पत्र भेजकर सारे रिकाॅर्ड की जानकारी मांगी है।
दूसरी ओर मामले में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। इस कंपनी के द्वारा कराई गई रजिस्ट्रियों में से अधिकांश का रिकाॅर्ड उप पंजीयक कार्यालय शाजापुर में उपलब्ध नहीं है। साथ ही पंजीयक विभाग मप्र के महा निरीक्षक ने उप पंजीयक कार्यालय शाजापुर से रिकाॅर्ड की जानकारी मांगी है। आगर-मालवा जिले के ग्राम तोलाखेड़ी निवासी बाबूलाल पिता श्रीराम यादव जो जिला कांग्रेस अध्यक्ष भी हैं, उनकी 105 बीघा जमीन की रजिस्ट्री भी फर्जी तरीके से कराई गई थी। जानकारी के अनुसार यादव ने मामले के खुलासे के बाद उप पंजीयक कार्यालय शाजापुर से अपनी जमीन की रजिस्ट्री की प्रतिलिपि मांगी ताे अभी तक नहीं मिल पाई है।
बाबूलाल यादव ने बताया रजिस्ट्री करते समय उसकी एक प्रतिलिपि जिल्द नंबर के साथ उप पंजीयक कार्यालय में रहती है। उनकी रजिस्ट्री के जिल्द नंबर ए-368 दिनांक 7-2-2014 के नंबर जिसमें विभिन्न ग्रामों के करीब 150 लोगों की रजिस्ट्री चढ़ी हुई है, का रिकाॅर्ड गायब है।
इसके अतिरिक्त क्र.- 3163 दिनांक 14 जनवरी 2014 पर दर्ज रजिस्ट्री का रिकाॅर्ड भी नहीं मिल रहा है। उन्होंने अपने साथ करीब 40 किसानों को लेकर शाजापुर उप पंजीयक कार्यालय में आवेदन लगाया था। लेकिन अभी तक नकल नहीं मिल पाई है। उप पंजीयक द्वारा कार्यालय में रिकाॅर्ड उपलब्ध नहीं होने की बात उनसे कही जा रही है।
रिकॉर्ड तलाशने में जुटा उप पंजीयक कार्यालय
भास्कर द्वारा मामले में निरंतर खुलासे करने के बाद पंजीयन विभाग के महा निरीक्षक ने मंगलवार को शाजापुर उप पंजीयक कार्यालय को पत्र के साथ जमीनों के सर्वे नंबर भेजकर इस बात की जानकारी मांगी है कि जो रजिस्ट्रियां शाजापुर में की गई हैं, उनमें से कितनों का रिकाॅर्ड मौजूद है। कितनों का रिकाॅर्ड मौजूद नहीं है। मामले में अन्य जानकारियां भी मांगी गई हैं। जिसके बाद अब इस मामले का सच सामने आने की संभावना बढ़ती जा रही है।
फर्जीवाड़े के विरोध में 15 जून को किसान देंगे धरना
आगर-मालवा | पीएसीएल कंपनी के कर्ताधर्ताओं द्वारा आगर, बड़ौद, सुसनेर, नलखेड़ा व शाजापुर, कालापीपल, गुलाना के 491 किसानों की 36 हजार बीघा कृषि भूमि की फर्जी रूप से रजिस्ट्री कराने का मामला अब धीरे-धीरे गर्मा रहा है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष बाबूलाल यादव ने प्रभावित किसानों की ओर से 15 जून को 11 बजे कलेक्टोरेट के समक्ष धरना देने का आह्वान किया है। एक प्रेस रिलीज जारी करके जिलाअध्यक्ष यादव ने बताया किसानों के खसरे (दस्तावेज) के काॅलम नंबर 12 में उनकी भूमि पीएसीएल कंपनी की संपत्ति बताकर क्रय-विक्रय एवं नामांतरण पर रोक लगाने के निर्देश कलेक्टर द्वारा जारी किए गए। इससे किसानों के बोवनी के समय कृषि ऋण, खाद-बीज व लोन लेने में रोक लग गई है। यदि किसानों को समय पर खाद-बीज नहीं मिलेगा तो बुआई नहीं हो पाएगी। उन्होंने इस घोटाले की जांच शीघ्र करवाकर कार्रवाई की मांग करके प्रभावित किसानों व जन प्रतिनिधियों की मौजूदगी में धरना देने की बात लिखी है।
मिलीभगत के चलते यह धोखाधड़ी हुई है
मैंने अपनी जमीन की रजिस्ट्री की प्रतिलिपि उप पंजीयक कार्यालय शाजापुर से मांगी थी। आवेदन देने के बाद भी मुझे प्रमाणित प्रतिलिपि नहीं दी जा रही है। उप पंजीयक द्वारा यह कहा जा रहा है कि रिकाॅर्ड नहीं मौजूद है तो मैं प्रतिलिपि कहां से दूं। पीएसीएल कंपनी की धोखाधड़ी का अधिकांश रिकाॅर्ड उप पंजीयक कार्यालय शाजापुर में मौजूद ही नहीं है। जबकि सारी रजिस्ट्रियां वहीं से हुई है। इस वजह से रिकाॅर्ड तो मौजूद होना चाहिए। मिलीभगत के चलते यह धोखाधड़ी हुई है। बाबूलाल यादव, जिला कांग्रेस अध्यक्ष आगर-मालवा।
रिकॉर्ड कार्यालय में नहीं है
पंजीयक महा निरीक्षक भोपाल ने पीएसीएल मामले से जुड़ी जानकारियां मांगी है। मैं वह तैयार करने में व्यस्त हूं। जो रिकाॅर्ड उप पंजीयक कार्यालय में मौजूद नहीं है, मैं कैसे उस रिकाॅर्ड की प्रमाणित प्रतिलिपि दे सकता हूं। मामला मेरे समय का नहीं है, इसलिए मुझे ज्यादा जानकारी भी नहीं है। संतोष कुमार केवट, उप पंजीयक शाजापुर।
मंगलवार को भास्कर ने शाजापुर और आगर जिले में 2012 से 2014 के बीच पीएसीएल ने अपनी कंपनियों के नाम खरीदी 36 हजार बीघा जमीन शीर्षक से खबर प्रकाशित कर मामले का विस्तृत खुलासा किया। उसके बाद पंजीयक महा निरीक्षक भोपाल ने उप पंजीयक कार्यालय शाजापुर को मंगलवार को ही पत्र भेजकर सारे रिकाॅर्ड की जानकारी मांगी है।
दूसरी ओर मामले में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। इस कंपनी के द्वारा कराई गई रजिस्ट्रियों में से अधिकांश का रिकाॅर्ड उप पंजीयक कार्यालय शाजापुर में उपलब्ध नहीं है। साथ ही पंजीयक विभाग मप्र के महा निरीक्षक ने उप पंजीयक कार्यालय शाजापुर से रिकाॅर्ड की जानकारी मांगी है। आगर-मालवा जिले के ग्राम तोलाखेड़ी निवासी बाबूलाल पिता श्रीराम यादव जो जिला कांग्रेस अध्यक्ष भी हैं, उनकी 105 बीघा जमीन की रजिस्ट्री भी फर्जी तरीके से कराई गई थी। जानकारी के अनुसार यादव ने मामले के खुलासे के बाद उप पंजीयक कार्यालय शाजापुर से अपनी जमीन की रजिस्ट्री की प्रतिलिपि मांगी ताे अभी तक नहीं मिल पाई है।
बाबूलाल यादव ने बताया रजिस्ट्री करते समय उसकी एक प्रतिलिपि जिल्द नंबर के साथ उप पंजीयक कार्यालय में रहती है। उनकी रजिस्ट्री के जिल्द नंबर ए-368 दिनांक 7-2-2014 के नंबर जिसमें विभिन्न ग्रामों के करीब 150 लोगों की रजिस्ट्री चढ़ी हुई है, का रिकाॅर्ड गायब है।
इसके अतिरिक्त क्र.- 3163 दिनांक 14 जनवरी 2014 पर दर्ज रजिस्ट्री का रिकाॅर्ड भी नहीं मिल रहा है। उन्होंने अपने साथ करीब 40 किसानों को लेकर शाजापुर उप पंजीयक कार्यालय में आवेदन लगाया था। लेकिन अभी तक नकल नहीं मिल पाई है। उप पंजीयक द्वारा कार्यालय में रिकाॅर्ड उपलब्ध नहीं होने की बात उनसे कही जा रही है।
रिकॉर्ड तलाशने में जुटा उप पंजीयक कार्यालय
भास्कर द्वारा मामले में निरंतर खुलासे करने के बाद पंजीयन विभाग के महा निरीक्षक ने मंगलवार को शाजापुर उप पंजीयक कार्यालय को पत्र के साथ जमीनों के सर्वे नंबर भेजकर इस बात की जानकारी मांगी है कि जो रजिस्ट्रियां शाजापुर में की गई हैं, उनमें से कितनों का रिकाॅर्ड मौजूद है। कितनों का रिकाॅर्ड मौजूद नहीं है। मामले में अन्य जानकारियां भी मांगी गई हैं। जिसके बाद अब इस मामले का सच सामने आने की संभावना बढ़ती जा रही है।
फर्जीवाड़े के विरोध में 15 जून को किसान देंगे धरना
आगर-मालवा | पीएसीएल कंपनी के कर्ताधर्ताओं द्वारा आगर, बड़ौद, सुसनेर, नलखेड़ा व शाजापुर, कालापीपल, गुलाना के 491 किसानों की 36 हजार बीघा कृषि भूमि की फर्जी रूप से रजिस्ट्री कराने का मामला अब धीरे-धीरे गर्मा रहा है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष बाबूलाल यादव ने प्रभावित किसानों की ओर से 15 जून को 11 बजे कलेक्टोरेट के समक्ष धरना देने का आह्वान किया है। एक प्रेस रिलीज जारी करके जिलाअध्यक्ष यादव ने बताया किसानों के खसरे (दस्तावेज) के काॅलम नंबर 12 में उनकी भूमि पीएसीएल कंपनी की संपत्ति बताकर क्रय-विक्रय एवं नामांतरण पर रोक लगाने के निर्देश कलेक्टर द्वारा जारी किए गए। इससे किसानों के बोवनी के समय कृषि ऋण, खाद-बीज व लोन लेने में रोक लग गई है। यदि किसानों को समय पर खाद-बीज नहीं मिलेगा तो बुआई नहीं हो पाएगी। उन्होंने इस घोटाले की जांच शीघ्र करवाकर कार्रवाई की मांग करके प्रभावित किसानों व जन प्रतिनिधियों की मौजूदगी में धरना देने की बात लिखी है।
मिलीभगत के चलते यह धोखाधड़ी हुई है
मैंने अपनी जमीन की रजिस्ट्री की प्रतिलिपि उप पंजीयक कार्यालय शाजापुर से मांगी थी। आवेदन देने के बाद भी मुझे प्रमाणित प्रतिलिपि नहीं दी जा रही है। उप पंजीयक द्वारा यह कहा जा रहा है कि रिकाॅर्ड नहीं मौजूद है तो मैं प्रतिलिपि कहां से दूं। पीएसीएल कंपनी की धोखाधड़ी का अधिकांश रिकाॅर्ड उप पंजीयक कार्यालय शाजापुर में मौजूद ही नहीं है। जबकि सारी रजिस्ट्रियां वहीं से हुई है। इस वजह से रिकाॅर्ड तो मौजूद होना चाहिए। मिलीभगत के चलते यह धोखाधड़ी हुई है। बाबूलाल यादव, जिला कांग्रेस अध्यक्ष आगर-मालवा। रिकॉर्ड कार्यालय में नहीं है
पंजीयक महा निरीक्षक भोपाल ने पीएसीएल मामले से जुड़ी जानकारियां मांगी है। मैं वह तैयार करने में व्यस्त हूं। जो रिकाॅर्ड उप पंजीयक कार्यालय में मौजूद नहीं है, मैं कैसे उस रिकाॅर्ड की प्रमाणित प्रतिलिपि दे सकता हूं। मामला मेरे समय का नहीं है, इसलिए मुझे ज्यादा जानकारी भी नहीं है। संतोष कुमार केवट, उप पंजीयक शाजापुर।
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